लेकिन दुश्मन को धूल चटाकर उसे नक़्शे से मिटाना वो सिर्फ़ इंदिरा गांधी ही कर सकती थीं।
सिर्फ कुर्सी जीतने से कोई लौह महिला नहीं बनता।
यूं ही कोई इंदिरा नहीं बनता!
यदि आज इंदिरा जी होती तो एक बार फिर पाकिस्तान विभाजित होता
लेकिन दुश्मन को धूल चटाकर उसे नक़्शे से मिटाना वो सिर्फ़ इंदिरा गांधी ही कर सकती थीं।
सिर्फ कुर्सी जीतने से कोई लौह महिला नहीं बनता।
यूं ही कोई इंदिरा नहीं बनता!
यदि आज इंदिरा जी होती तो एक बार फिर पाकिस्तान विभाजित होता
लेकिन दुश्मन को धूल चटाकर उसे नक़्शे से मिटाना वो सिर्फ़ इंदिरा गांधी ही कर सकती थीं।
सिर्फ कुर्सी जीतने से कोई लौह महिला नहीं बनता।
यूं ही कोई इंदिरा नहीं बनता!
यदि आज इंदिरा जी होती तो एक बार फिर पाकिस्तान विभाजित होता
#ceasefire
लेकिन दुश्मन को धूल चटाकर उसे नक़्शे से मिटाना वो सिर्फ़ इंदिरा गांधी ही कर सकती थीं।
सिर्फ कुर्सी जीतने से कोई लौह महिला नहीं बनता।
यूं ही कोई इंदिरा नहीं बनता!
यदि आज इंदिरा जी होती तो एक बार फिर पाकिस्तान विभाजित होता
#ceasefire