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कर्ज कभी पूरा नहीं होता।
कर्ज कभी पूरा नहीं होता।
जो असंभव के दरवाज़े खोल देती है..!!
जो असंभव के दरवाज़े खोल देती है..!!
इतवार भी गुज़र गया इंतजार में....
इतवार भी गुज़र गया इंतजार में....
सिंहासन छूटा, राम हो गए..!
सिंहासन छूटा, राम हो गए..!