देश भर से जुड़े सृजनकारों ने काव्य गोष्ठी में जमाया रंग।
कल्पकथा साहित्य संस्था परिवार द्वारा अपने दो दिवसीय चतुर्थ स्थापना दिवस के पावन अवसर पर एक व्यापक, प्रेरक एवं राष्ट्रभाव से ओतप्रोत सामाजिक–सांस्कृतिक अभियान ‘एक वृक्ष – एक दीप’ का आयोजन देश के विभिन्न राज्यों एवं नगरों में एक साथ किया गया।
देश भर से जुड़े सृजनकारों ने काव्य गोष्ठी में जमाया रंग।
कल्पकथा साहित्य संस्था परिवार द्वारा अपने दो दिवसीय चतुर्थ स्थापना दिवस के पावन अवसर पर एक व्यापक, प्रेरक एवं राष्ट्रभाव से ओतप्रोत सामाजिक–सांस्कृतिक अभियान ‘एक वृक्ष – एक दीप’ का आयोजन देश के विभिन्न राज्यों एवं नगरों में एक साथ किया गया।
सोलह कला अवतार भगवान श्री कृष्ण सम्पूर्ण परब्रह्म हैं - कल्पकथा परिवार।
सोलह कला अवतार भगवान श्री कृष्ण सम्पूर्ण परब्रह्म हैं - कल्पकथा परिवार।
अरावली पर्वतमाला के सम्मान और संरक्षण को समर्पित रही काव्य संध्या।
अरावली पर्वतमाला के सम्मान और संरक्षण को समर्पित रही काव्य संध्या।
सनातन संस्कृति वैज्ञानिक परंपराओं, समावेशी विचारधारा, और मानवीय मूल्यों की सजग पैरोकार है - कल्पकथा परिवार
सनातन संस्कृति वैज्ञानिक परंपराओं, समावेशी विचारधारा, और मानवीय मूल्यों की सजग पैरोकार है - कल्पकथा परिवार
सनातन एकमात्र धर्म है जो हर जीव में ईश्वर, वसुधैव कुटुंबकम् और अतिथि देवो भव: जैसे संस्कारों से समृद्ध है। - कल्पकथा परिवार
सनातन एकमात्र धर्म है जो हर जीव में ईश्वर, वसुधैव कुटुंबकम् और अतिथि देवो भव: जैसे संस्कारों से समृद्ध है। - कल्पकथा परिवार
होनहार विरवान के होत चीकने पात कहावत मेधावी बाल प्रतिभाओं पर एकदम सटीक बैठती है - कल्पकथा परिवार
होनहार विरवान के होत चीकने पात कहावत मेधावी बाल प्रतिभाओं पर एकदम सटीक बैठती है - कल्पकथा परिवार
मर्यादपुरुषोत्तम भगवान श्री राम राष्ट्र चेतना के आधार है - कल्पकथा परिवार
प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की कृपा से संचालित, राष्ट्र प्रथम, हिन्दी भाषा, सनातन संस्कृति, एवं सद साहित्य हेतु कृत संकल्पित कल्पकथा साहित्य संस्था परिवार की संवाद प्रभारी श्रीमती ज्योति राघव सिंह जी ने बताया कि २२४वीं ऑनलाइन काव्यगोष्ठी प्रभु श्री राम की भक्ति रचनाओं से ओत - प्रोत रही।
मर्यादपुरुषोत्तम भगवान श्री राम राष्ट्र चेतना के आधार है - कल्पकथा परिवार
प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की कृपा से संचालित, राष्ट्र प्रथम, हिन्दी भाषा, सनातन संस्कृति, एवं सद साहित्य हेतु कृत संकल्पित कल्पकथा साहित्य संस्था परिवार की संवाद प्रभारी श्रीमती ज्योति राघव सिंह जी ने बताया कि २२४वीं ऑनलाइन काव्यगोष्ठी प्रभु श्री राम की भक्ति रचनाओं से ओत - प्रोत रही।
🛡️ आतंक के आकाओं को करारा जवाब मिलेगा - कल्पकथा परिवार, 🛡️
🛡️ आतंक के आकाओं को करारा जवाब मिलेगा - कल्पकथा परिवार, 🛡️